उदित राज का भाजपा से जाना भाजपा की भविष्य की राजनीति के लिए ठीक नहीं, उदित राज ने भी जल्दबाजी में कदम उठाया:

उदित राज एक दलित नेता के रूप में जाने जाते हैं, उन्होंने अपनी पार्टी का विलय भाजपा में कर दिया और वो उत्तरी पूर्वी दिल्ली से लोकसभा के सांसद चुने गए, किन्ही कारणों से उनको वहां से दोबारा टिकट नहीं दिया गया, नाराज उदित राज ने भाजपा से अपना नाता तोड़ कर कांग्रेस का दामन थाम लिया.

उदित राज ने दलित युवाओं के लिए बहुत काम किया था और वो उनमे लोकप्रिय भी हैं, उनका भाजपा से जाना भाजपा की भविष्य की राजनीति के लिए ठीक नहीं, ऐसा क्यों हुआ हम उसमे नहीं जाना चाहते पर उनका इस तरह से भाजपा से जाना दुखद है, हालांकि उदित राज ने भी जल्दबाजी में भाजपा से अपनी विदाई का कदम उठाया. इस तरह से उनकी छवि पर भी सत्ता प्रेमी होने का दाग जरूर लगेगा.

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